बालोतरा। क्षेत्र के कनाना गांव में आयोजित हो रहा भव्य धार्मिक आयोजन श्री ललिता सहस्रनाम 1008 कुंडीय महायज्ञ एवं मां सरस्वती मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महा महोत्सव अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। इस ऐतिहासिक अनुष्ठान की पूर्णाहुति 22, 23 और 24 मार्च 2026 को भव्य रूप से संपन्न होगी।

यह महायज्ञ पिछले 12 महीनों से लगातार संचालित हो रहा है और अपनी विशालता, श्रद्धा और धार्मिक महत्व के कारण अब केवल राजस्थान ही नहीं बल्कि पूरे देश में चर्चा का विषय बन चुका है। आयोजन स्थल पर 1008 महाकुंडों में यज्ञ का आयोजन किया जाएगा, जिसमें देशभर से संत-महात्मा, धर्माचार्य और हजारों श्रद्धालु भाग लेकर आहुति देंगे।

तीन दिवसीय इस महोत्सव में श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की विशेष श्रृंखला भी रखी गई है। कार्यक्रमों में विराट संत सम्मेलन, कवि सम्मेलन, भक्ति संध्या और रात्रि जागरण जैसे आयोजन होंगे, जिससे पूरा वातावरण भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर रहेगा। इसके साथ ही दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए महाप्रसादी की व्यवस्था भी की गई है।
यह संपूर्ण आयोजन श्रीमहंत परशुराम गिरि महाराज के सानिध्य में संपन्न हो रहा है। आयोजन को सफल बनाने में कनाना मठ से जुड़े 12 गांवों के श्रद्धालुओं का विशेष सहयोग रहा है। खास बात यह रही कि इन गांवों की महिलाओं ने श्रमदान करते हुए आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं में सक्रिय भागीदारी निभाई और महायज्ञ को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

आयोजकों के अनुसार इस भव्य धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। श्रीमहंत परशुराम गिरि महाराज ने सभी धर्मप्रेमियों और श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक संख्या में पहुंचकर धर्म लाभ लेने और इस ऐतिहासिक महायज्ञ के साक्षी बनने की अपील की है।








