राजस्थान के औद्योगिक इतिहास में जनवरी 2026 एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ने जा रहा है। बालोतरा ज़िले के पचपदरा में स्थापित एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है और अब यह महापरियोजना उद्घाटन के लिए तैयार मानी जा रही है। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनवरी माह में इस 9 मिलियन मीट्रिक टन वार्षिक क्षमता वाली रिफाइनरी का उद्घाटन कर सकते हैं।

यह परियोजना न केवल राजस्थान बल्कि पूरे देश के लिए रणनीतिक महत्व रखती है। पचपदरा में निर्मित यह संयंत्र केवल एक रिफाइनरी नहीं, बल्कि इंटीग्रेटेड रिफाइनरी एवं पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है, जिसे भारत की पहली ऐसी एकीकृत परियोजनाओं में गिना जा रहा है।
HPCL–राजस्थान सरकार का संयुक्त उद्यम
पचपदरा रिफाइनरी हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) और राजस्थान सरकार का संयुक्त उपक्रम है। इसमें राज्य सरकार की 26 प्रतिशत हिस्सेदारी है। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल के अनुसार यह परियोजना पेट्रोलियम क्षेत्र को मजबूती देने के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी।

6 हजार करोड़ से 79 हजार करोड़ तक पहुंची लागत
इस महत्वाकांक्षी परियोजना की लागत में समय के साथ बड़ा बदलाव देखने को मिला है। शुरुआती अनुमान जहां लगभग 6 हजार करोड़ रुपये के आसपास था, वहीं विभिन्न तकनीकी, वित्तीय और समयगत कारणों से यह लागत पहले बढ़कर 72,937 करोड़ रुपये और अब संशोधित होकर 79,459 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
परियोजना में ऋण और इक्विटी का अनुपात 2:1 रखा गया है। राज्य सरकार ने अपनी हिस्सेदारी के तहत अतिरिक्त अंश पूंजी के रूप में 565.24 करोड़ रुपये के भुगतान को भी मंजूरी दी है।

2013 से 2026 तक का लंबा सफर
पचपदरा रिफाइनरी का सफर आसान नहीं रहा। वर्ष 2013 में पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार के दौरान इसकी परिकल्पना की गई, लेकिन आर्थिक कारणों और नीतिगत असहमतियों के चलते यह परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी।
इसके बाद 2017 में नए सिरे से एमओयू (MOU) पर हस्ताक्षर किए गए और काम ने रफ्तार पकड़ी। हालांकि तय समय सीमा अक्टूबर 2022 से बढ़ाकर जून 2023 की गई, फिर भी कुछ तकनीकी कारणों से इसमें और देरी हुई। अब 2026 की शुरुआत में यह सपना साकार होता नजर आ रहा है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी इसे राजस्थान के आर्थिक भविष्य का प्रतीक बताया है।
जुलाई 2026 तक पेट्रोकेमिकल सेक्शन होगा शुरू
जनवरी 2026 में रिफाइनरी के उद्घाटन के बाद भी परियोजना का विस्तार जारी रहेगा। इसका दूसरा अहम हिस्सा यानी पेट्रोकेमिकल सेक्शन 1 जुलाई 2026 तक पूरी तरह ऑपरेशनल होने की उम्मीद है। इसके शुरू होते ही प्लास्टिक, रसायन और अन्य डाउनस्ट्रीम उद्योगों के लिए बड़े अवसर पैदा होंगे।

रोजगार, निवेश और विकास की नई उम्मीद
इस महापरियोजना से न केवल बालोतरा और मारवाड़ क्षेत्र, बल्कि पूरे राजस्थान में निवेश, रोजगार और बुनियादी ढांचे के विकास को गति मिलने की उम्मीद है। रेलवे लाइन, सड़क नेटवर्क, गैस पाइपलाइन और जल आपूर्ति जैसी सुविधाओं के विस्तार से क्षेत्र की तस्वीर बदलने वाली है।
प्रधानमंत्री के संभावित दौरे को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां तेज हो चुकी हैं। पूरे मारवाड़ अंचल में उत्साह का माहौल है और पचपदरा रिफाइनरी को राजस्थान की औद्योगिक उड़ान का नया इंजन माना जा रहा है।









