बालोतरा। शहर के औद्योगिक क्षेत्र में शुक्रवार को एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां कपड़ा फैक्ट्री लालजी वाला मिल्स के स्लज टैंक की सफाई करते समय जहरीली गैस की चपेट में आने से तीन मजदूरों की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई और जिला अस्पताल में अफरातफरी का माहौल बन गया।
जानकारी के अनुसार फैक्ट्री परिसर में स्थित रासायनिक स्लज टैंक की सफाई का काम चल रहा था। इसी दौरान टैंक में जमा रासायनिक पदार्थों से जहरीली गैस निकलने लगी, जिससे सफाई कर रहे मजदूर बेहोश हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल लाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने तीनों को मृत घोषित कर दिया।

मृतकों की पहचान गुमान सांसी, श्रवण सांसी और विशम्बर तिवारी के रूप में हुई है। घटना की खबर मिलते ही उनके परिजन जिला अस्पताल पहुंच गए, जहां रोते-बिलखते परिजनों का दर्दनाक दृश्य देखने को मिला।
बताया जा रहा है कि आधुनिक दौर में ऐसे खतरनाक टैंकों की सफाई मशीनों और सेफ्टी उपकरणों की मदद से की जानी चाहिए, लेकिन कई फैक्ट्रियों में अब भी गरीब मजदूरों को सीधे रासायनिक स्लज टैंक में उतारकर सफाई करवाई जाती है। टैंक में मौजूद जहरीली गैस के कारण मजदूर कुछ ही मिनटों में बेहोश हो जाते हैं और कई बार उनकी मौत हो जाती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि औद्योगिक क्षेत्र में इस तरह के हादसे पहले भी हो चुके हैं। अनुमान के मुताबिक हर साल 30 से 50 मजदूर स्लज टैंक की सफाई के दौरान जहरीली गैस की चपेट में आकर अपनी जान गंवा देते हैं। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था और नियमों को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाए जा रहे।
घटना के बाद क्षेत्र में फैक्ट्री मालिकों की लापरवाही और प्रशासन की अनदेखी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन कराया जाता, तो शायद यह हादसा टाला जा सकता था।
अब इस घटना के बाद प्रशासन से कड़ी कार्रवाई और औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा नियमों के सख्त पालन की मांग उठ रही है, ताकि भविष्य में मजदूरों की जान से खिलवाड़ न हो।









