
बालोतरा (पचपदरा)। राजस्थान के औद्योगिक गलियारे से आज एक बड़ी और अप्रत्याशित खबर सामने आई। पचपदरा स्थित HRRL (HPCL राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड) की सबसे महत्वपूर्ण प्रोसेसिंग यूनिट CDU-VDU में सोमवार दोपहर करीब 2:00 बजे भीषण आग लग गई। इस हादसे की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार ने कल, यानी 21 अप्रैल 2026 को होने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित उद्घाटन कार्यक्रम को फिलहाल स्थगित कर दिया है।

🔥 कैसे हुआ हादसा?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर अचानक रिफाइनरी के आसमान में काले धुएं का गुबार देखा गया। आग रिफाइनरी के ‘दिल’ कहे जाने वाले क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में लगी थी। पाइपलाइन के जरिए आने वाला कच्चा तेल सबसे पहले इसी यूनिट में प्रोसेस होता है।
- फायर फाइटिंग: धुएं का गुबार उठते ही रिफाइनरी का इन-बिल्ट फायर सेफ्टी सिस्टम सक्रिय हो गया।
- रेस्क्यू ऑपरेशन: सूचना मिलते ही प्रशासन ने पूरे इलाके को खाली कराया और दर्जनों दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। शाम 5 बजे तक कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।

🚫 उद्घाटन स्थगित: पेट्रोलियम मंत्रालय का आधिकारिक बयान
हादसे के बाद सुरक्षा एजेंसियों और पेट्रोलियम मंत्रालय ने तुरंत संज्ञान लिया। मंत्रालय ने सोशल मीडिया (X) पर जानकारी साझा करते हुए बताया:
“HRRL रिफाइनरी की क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट के पास आग लगने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के कारण, 21.04.2026 को माननीय प्रधानमंत्री द्वारा रिफाइनरी के निर्धारित लोकार्पण कार्यक्रम को स्थगित कर दिया गया है। आग पर काबू पा लिया गया है और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है।”
HPCL की जिस रिफाइनरी में आग लगी है उसका उद्घाटन कल PM को करना है, मतलब अभी वो पूरी तरह चालू नहीं हुई होगी।
इस हाई वेल्यू एसेट की टोटल क़ीमत है 80,000 करोड़।
ये जारी है और तब तक जारी रहेगा जब तक ट्रेनों के पटरियों से उतरने के कारणो की तरह इसकी जाँच की शुरुआत नहीं होती।
आपको लग… pic.twitter.com/6rXIOvHJHk
— Baliyan (@Baliyan_x) April 20, 2026 🏗️ क्या है CDU-VDU यूनिट का महत्व?
यह यूनिट किसी भी रिफाइनरी की रीढ़ होती है। कच्चे तेल (Crude Oil) को अलग-अलग तापमान पर उबालकर पेट्रोल, डीजल और केरोसीन जैसे उत्पादों में बदलने की प्रक्रिया यहीं से शुरू होती है। इस यूनिट में आग लगने का मतलब है कि रिफाइनरी के मुख्य ऑपरेशनल ढांचे को तकनीकी क्षति पहुंची है, जिसे ठीक करने में समय लग सकता है।
⚠️ सुरक्षा और साजिश के एंगल पर जांच की मांग
उद्घाटन से ठीक एक दिन पहले ऐसी बड़ी घटना ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं:
- सुरक्षा चूक: जब प्रधानमंत्री का दौरा प्रस्तावित था, तो सुरक्षा और तकनीकी ऑडिट में यह चूक कैसे रह गई?
- लापरवाही या तकनीकी खराबी: क्या यह आग शॉर्ट सर्किट से लगी या प्रेशर कंट्रोल फेल होने से?
- उच्च स्तरीय जांच: स्थानीय जनप्रतिनिधियों और विशेषज्ञों ने इस मामले की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच की मांग की है ताकि भविष्य में ऐसे बड़े निवेश वाले प्रोजेक्ट्स को सुरक्षित रखा जा सके।
📢 वर्तमान स्थिति
फिलहाल रिफाइनरी परिसर में ‘अलर्ट मोड’ जारी है। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई और सभी कर्मचारियों को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। प्रशासन ने आम जनता से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। प्रधानमंत्री के दौरे की नई तारीख तकनीकी जांच और प्लांट की मरम्मत के बाद ही तय की जाएगी।
यह घटना राजस्थान के इस ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए एक बड़ा झटका है। अब पूरी नजर इस बात पर है कि जांच टीम आग के वास्तविक कारणों का क्या खुलासा करती है।








