बालोतरा/जालोर। अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत Anti Narcotics Task Force ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए करीब ₹1 करोड़ 20 लाख मूल्य की अफीम की फसल को नष्ट कर दिया। “ऑपरेशन शस्यविषम” के अंतर्गत कुल 2428 अफीम के पौधे जब्त किए गए और मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान हरजीराम पुत्र नजीराम के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जालोर जिले का निवासी है और वर्तमान में Balotra क्षेत्र में रह रहा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी बीते करीब 10 वर्षों से नशे के कारोबार से जुड़ा हुआ है और उसके खिलाफ पहले भी मादक पदार्थ तस्करी के मामले दर्ज हैं।
बालोतरा/जालोर। अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में Anti Narcotics Task Force ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपए कीमत की अफीम की फसल नष्ट कर दी। “ऑपरेशन शस्यविषम” के तहत 2428 अफीम के पौधे जब्त किए गए और मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। 10 साल से जुड़ा था नशे के कारोबार से गिरफ्तार आरोपी हरजीराम पुत्र नजीराम (निवासी मालियों का वास, धुंबड़िया, थाना बागोड़ा, जिला जालोर; हाल निवासी कांखी, थाना सिवाना, जिला बालोतरा) है।
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह पिछले करीब 10 वर्षों से डोडा पोस्त सेवन का आदी है और पूर्व में भी उसके खिलाफ मादक पदार्थ तस्करी के मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने इंटरनेट से जानकारी लेकर खुद ही अफीम की खेती शुरू की थी ताकि ज्यादा मुनाफा कमा सके। क्यों रखा नाम ‘ऑपरेशन शस्यविषम’ ‘शस्य’ का अर्थ फसल और ‘विष’ का अर्थ जहर होता है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिस तरह गुप्त तरीके से अफीम उगाई गई थी, वह समाज में जहर फैलाने जैसा है। इसी कारण इस कार्रवाई को “शस्यविषम” नाम दिया गया।
पुलिस के अनुसार सिवाना थाना क्षेत्र में गुप्त सूचना मिली थी कि खेत में अवैध रूप से अफीम की खेती की जा रही है। सूचना की पुष्टि के बाद एएनटीएफ और स्थानीय पुलिस की टीम ने दबिश दी। सब्जियों और बाजरे के बीच छिपी थी अफीम टीम जब खेत पर पहुंची तो पशु बाड़े के पीछे सफेद चादर की ओट में सब्जियों, बाजरा और अरंडी की फसल के बीच अफीम के पौधे लहलहाते मिले। कुछ पौधों पर डोडे पूरी तरह पक चुके थे। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी के आने का इंतजार किया और जैसे ही वह फसल देखने पहुंचा, उसे पकड़ लिया गया। जांच में सामने आया कि करीब 2600 वर्गमीटर क्षेत्र में खेती की गई थी। अनुमान है कि इससे लगभग 20 से 21 किलो अफीम और डेढ़ से दो क्विंटल डोडा चूरा तैयार हो सकता था।

10 साल से जुड़ा था नशे के कारोबार से : गिरफ्तार आरोपी हरजीराम पुत्र नजीराम (निवासी मालियों का वास, धुंबड़िया, थाना बागोड़ा, जिला जालोर; हाल निवासी कांखी, थाना सिवाना, जिला बालोतरा) है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार वह पिछले करीब 10 वर्षों से डोडा पोस्त सेवन का आदी है और पूर्व में भी उसके खिलाफ मादक पदार्थ तस्करी के मामले दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने इंटरनेट से जानकारी लेकर खुद ही अफीम की खेती शुरू की थी ताकि ज्यादा मुनाफा कमा सके। क्यों रखा नाम ‘ऑपरेशन शस्यविषम’ ‘शस्य’ का अर्थ फसल और ‘विष’ का अर्थ जहर होता है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिस तरह गुप्त तरीके से अफीम उगाई गई थी, वह समाज में जहर फैलाने जैसा है। इसी कारण इस कार्रवाई को “शस्यविषम” नाम दिया गया।
इंटरनेट से सीखी खेती, मुनाफे की लालसा बनी वजह
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने इंटरनेट से जानकारी लेकर खुद ही अफीम की खेती शुरू की थी, ताकि अधिक मुनाफा कमाया जा सके। करीब 2600 वर्गमीटर क्षेत्र में यह अवैध फसल उगाई गई थी, जिससे अनुमानतः 20 से 21 किलो अफीम और डेढ़ से दो क्विंटल डोडा चूरा तैयार हो सकता था।
सब्जियों और बाजरे के बीच छिपी थी ‘जहर की फसल’
टीम जब मौके पर पहुंची तो पशु बाड़े के पीछे सफेद चादर की आड़ में सब्जियों, बाजरे और अरंडी की फसल के बीच अफीम के पौधे लहलहाते मिले। कुछ पौधों पर डोडे पूरी तरह पक चुके थे। पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया।
क्यों रखा नाम ‘ऑपरेशन शस्यविषम’?
पुलिस अधिकारियों के अनुसार ‘शस्य’ का अर्थ फसल और ‘विष’ का अर्थ जहर होता है। जिस तरह गुप्त रूप से अफीम उगाकर समाज में नशा फैलाने की कोशिश की जा रही थी, उसे देखते हुए इस अभियान को यह नाम दिया गया।
पुलिस ने स्पष्ट किया कि नशे के खिलाफ ऐसी कार्रवाइयां आगे भी लगातार जारी रहेंगी और अवैध खेती या तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।








