बालोतरा। प्रधानमंत्री Narendra Modi के प्रस्तावित दौरे से पहले पचपदरा में सुरक्षा व्यवस्था में हुई गंभीर चूक ने प्रशासनिक तंत्र को झकझोर दिया है। जोधपुर रेंज के आईजी के निर्देश पर पचपदरा थाने के SHO (सीआई) अचलाराम ढाका को निलंबित कर दिया गया है। इस कार्रवाई की पुष्टि बालोतरा एसपी रमेश द्वारा की गई है।

🔴 घटना का पूरा क्रम: कैसे टूटी सुरक्षा की दीवार
20 अप्रैल की शाम लगभग 7 बजे, जब सभा स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे, तब तक पीएम का दौरा आधिकारिक रूप से स्थगित हो चुका था उसी दौरान सुरक्षा में ढील का फ़ायदा उठाते हुए एक युवक ने सुरक्षा घेरे को भेदते हुए सीधे VVIP मंच तक पहुंच बना ली। युवक ने मंच पर चढ़कर वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
यह घटना मामूली नहीं मानी जा रही क्योंकि:
- मंच VVIP श्रेणी में आता है
- यहां प्रधानमंत्री के आगमन से पहले विशेष सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू होता है
- हर व्यक्ति की एंट्री बहु-स्तरीय जांच के बाद ही संभव होती है
इसके बावजूद युवक का मंच तक पहुंच जाना सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी खामी को उजागर करता है।
#पचपदरा के इस वायरल वीडियो की वजह से PM सुरक्षा में लगी सेंध, मचा हड़कंप। #बायतु #बाड़मेर #पचपदरा #बालोतरा #pachpdra #बाड़मेर_जैसलमेर #barmernews #जोधपुर #रिफायनरी pic.twitter.com/nXUdMKP3IT
— Ashok Rajpurohit (@BmrAshok) April 23, 2026 🛡️ किसकी थी जिम्मेदारी?
को मंच और D-ज़ोन की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।
यानी जिस क्षेत्र में सबसे सख्त निगरानी होनी चाहिए थी, वहीं पर सेंध लग गई। यही कारण है कि इस मामले को “ड्यूटी में गंभीर लापरवाही” मानते हुए SHO को सस्पेंड किया गया।
प्रशासन की त्वरित कार्रवाई
घटना सामने आते ही पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया:
- SHO अचलाराम ढाका को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया
- RAC 14वीं बटालियन “जी” कंपनी के खिलाफ भी विभागीय कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी गई
- पूरे सुरक्षा प्रोटोकॉल की समीक्षा शुरू कर दी गई
- संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब किया गया
यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि VVIP सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक को गंभीरता से लिया जा रहा है।
❗ सुरक्षा पर उठे बड़े सवाल
इस घटना के बाद कई अहम सवाल खड़े हो गए हैं:
- जब कार्यक्रम प्रधानमंत्री स्तर का था, तो एंट्री कंट्रोल इतना कमजोर कैसे रहा?
- क्या बैरिकेडिंग और चेकिंग में कमी थी?
- क्या मौके पर तैनात पुलिसकर्मी सतर्क नहीं थे?
- क्या सुरक्षा प्लानिंग में कोई तकनीकी या मानवीय चूक हुई?
विशेषज्ञ मानते हैं कि VVIP कार्यक्रमों में “जीरो एरर” की नीति अपनाई जाती है, लेकिन यहां हुई चूक ने उस सिद्धांत को चुनौती दी है।
📱 सोशल मीडिया ने बढ़ाई गंभीरता
घटना के बाद युवक द्वारा बनाया गया वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिससे मामला और अधिक संवेदनशील बन गया। सोशल मीडिया पर लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए और प्रशासन की कार्यशैली की आलोचना भी की।
🔍 आगे क्या?
अब इस मामले में केवल निलंबन तक ही बात सीमित नहीं रहेगी। संभावना है कि:
- विस्तृत विभागीय जांच होगी
- सुरक्षा व्यवस्था के SOP (Standard Operating Procedures) को और सख्त किया जाएगा
- भविष्य के VVIP कार्यक्रमों के लिए अतिरिक्त निगरानी और टेक्नोलॉजी का उपयोग बढ़ाया जाएगा
पचपदरा की यह घटना एक चेतावनी है कि सुरक्षा व्यवस्था में छोटी सी चूक भी बड़े खतरे का संकेत बन सकती है। प्रधानमंत्री स्तर के कार्यक्रम में इस तरह की लापरवाही न केवल प्रशासन की छवि को प्रभावित करती है, बल्कि सुरक्षा तंत्र की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े करती है।
फिलहाल SHO अचलाराम ढाका के निलंबन के साथ प्रशासन ने कड़ा संदेश दिया है कि जिम्मेदारी तय होगी और लापरवाही पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।









