बालोतरा, 16 जून 2026। राजस्थान के बालोतरा जिले में मंगलवार सुबह एक ऐसा दर्दनाक सड़क हादसा हुआ जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया। पाटोदी क्षेत्र के पास एक कार और राजस्थान रोडवेज बस की आमने-सामने की भीषण टक्कर में चार सगे भाइयों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार पूरी तरह चकनाचूर हो गई और उसमें सवार किसी भी व्यक्ति को बचने का मौका नहीं मिला।

काम पर जा रहे थे चारों भाई
जानकारी के अनुसार मृतक चारों भाई अपने गांव से रोजी-रोटी कमाने के लिए काम पर जा रहे थे। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां संभालने वाले ये चारों भाई एक साथ कार में सवार होकर निकले थे। रास्ते में पाटोदी के निकट उनकी कार सामने से आ रही रोडवेज बस से भिड़ गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर की आवाज दूर तक सुनाई दी और हादसे के बाद कार लोहे के कबाड़ में तब्दील हो गई।
मौके पर मचा कोहराम
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे। कार में फंसे शवों को बाहर निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। दुर्घटना की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह दब गया था। पुलिस ने चारों शवों को कब्जे में लेकर अस्पताल की मोर्चरी भिजवाया।

एक ही परिवार के चार चिराग बुझ गए
गांव में जैसे ही चारों भाइयों की मौत की खबर पहुंची, मातम छा गया। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि एक ही परिवार के चार जवान बेटों की एक साथ मौत ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है। घर-घर में इसी हादसे की चर्चा है और लोग परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं।
पुलिस ने शुरू की जांच
पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में यह आमने-सामने की टक्कर का मामला प्रतीत हो रहा है। दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। बस चालक और अन्य प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। हादसे के बाद कुछ समय तक मार्ग पर यातायात भी प्रभावित रहा।

क्षेत्र में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर चिंता
बालोतरा जिले में हाल के महीनों में कई गंभीर सड़क हादसे सामने आए हैं। इस ताजा दुर्घटना ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा, तेज रफ्तार और राजमार्गों पर यातायात व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा उपाय बढ़ाने की मांग की है।

चार सगे भाइयों की एक साथ मौत केवल एक सड़क दुर्घटना नहीं, बल्कि एक पूरे परिवार के सपनों का अंत है। जो भाई सुबह घर से काम पर निकलते समय अपने परिवार के बेहतर भविष्य की उम्मीद लेकर चले थे, वे कभी वापस नहीं लौट सके। इस हादसे ने बालोतरा ही नहीं, पूरे राजस्थान को शोक में डुबो दिया है।








