बालोतरा/पचपदरा, 4 जुलाई। राजस्थान के बालोतरा जिले के पचपदरा में शनिवार को आयोजित भव्य समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी सहित 1 लाख 5 हजार करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने राजस्थान रिफाइनरी को देश की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताते हुए कहा कि नया भारत किसी भी चुनौती के सामने झुकने वाला नहीं है।
कार्यक्रम में प्रधानमंत्री के साथ राज्यपाल हरिभाऊ किसनराव बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी, उपमुख्यमंत्री डॉ. प्रेमचंद बैरवा, केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी सहित अनेक जनप्रतिनिधि और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

रिफाइनरी बनेगी पश्चिमी राजस्थान की आर्थिक धुरी
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि राजस्थान रिफाइनरी केवल एक औद्योगिक परियोजना नहीं, बल्कि प्रदेश के विकास और आत्मनिर्भर भारत का मजबूत आधार है। उन्होंने कहा कि इस परियोजना से हजारों युवाओं को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा तथा पश्चिमी राजस्थान में पेट्रोकेमिकल उद्योगों का नया इकोसिस्टम विकसित होगा।
उन्होंने कहा कि दुनिया के कई देशों में नई रिफाइनरियां नहीं बन रही हैं, जबकि भारत लगातार अपनी रिफाइनिंग क्षमता बढ़ा रहा है और आज देश विश्व का चौथा सबसे बड़ा रिफाइनिंग क्षमता वाला राष्ट्र बन चुका है।
ऊर्जा संकट के बीच भारत ने दिखाई मजबूती
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में वैश्विक ऊर्जा संकट का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में युद्ध और अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के बावजूद भारत ने अपनी मजबूत कूटनीति, दूरदर्शी नीतियों और प्रभावी रणनीति के बल पर देश में ईंधन की कमी नहीं होने दी।
उन्होंने बताया कि संकट के दौरान भारत ने ईंधन आयात करने वाले देशों की संख्या बढ़ाई, घरेलू रिफाइनरियों की क्षमता का बेहतर उपयोग किया तथा एलपीजी उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की। इसके कारण देश में आम उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की गंभीर परेशानी का सामना नहीं करना पड़ा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों का बोझ जनता पर नहीं पड़ने दिया तथा एक्साइज ड्यूटी में कटौती कर राहत प्रदान की।
किसानों, उद्योगों और आमजन को मिला लाभ
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि वैश्विक संकट के समय सरकार ने किसानों को मात्र लगभग 300 रुपये में यूरिया उपलब्ध कराया तथा लाखों करोड़ रुपये की सब्सिडी देकर कृषि क्षेत्र को सुरक्षित रखा। वहीं सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को इमरजेंसी क्रेडिट लाइन गारंटी योजना के माध्यम से अतिरिक्त सहायता दी गई, जिससे उद्योगों और रोजगार पर विपरीत प्रभाव नहीं पड़ा।

डबल इंजन सरकार पर जताया भरोसा
प्रधानमंत्री ने कहा कि डबल इंजन सरकार केवल परियोजनाओं का शिलान्यास नहीं करती, बल्कि उन्हें समय पर पूरा कर जनता को समर्पित भी करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2018 से 2023 के दौरान रिफाइनरी परियोजना की गति धीमी रही, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में परियोजना तेजी से पूरी हुई।
शेखावाटी को मिलेगा यमुना का पानी
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में राजस्थान और हरियाणा के बीच हुए ऐतिहासिक यमुना जल समझौते का उल्लेख करते हुए कहा कि हथिनीकुंड बैराज से पाइपलाइन के माध्यम से शेखावाटी क्षेत्र तक पानी पहुंचाया जाएगा। लगभग 34 हजार करोड़ रुपये की इस परियोजना से सीकर, झुंझुनूं, चूरू सहित लाखों लोगों को दीर्घकालिक राहत मिलेगी।
पर्यावरण संरक्षण का भी दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने रिफाइनरी परिसर में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण किया। उन्होंने एलपीजी टैंकरों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तथा रिफाइनरी की मुख्य नियंत्रण इकाई का निरीक्षण कर तकनीकी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने श्रमिकों और युवा इंजीनियरों से भी संवाद किया।

मुख्यमंत्री बोले, राजस्थान की भाग्यरेखा बनेगी रिफाइनरी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि लगभग 80 हजार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजस्थान रिफाइनरी प्रदेश की भाग्यरेखा साबित होगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना पश्चिमी राजस्थान को पेट्रोकेमिकल उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाएगी तथा निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को नई गति देगी।
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार के ढाई वर्ष के कार्यकाल में 1.78 लाख सरकारी नौकरियां तथा चार लाख से अधिक युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने जयपुर मेट्रो फेज-2 सहित अन्य विकास परियोजनाओं को भी प्रदेश के समग्र विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

हरदीप सिंह पुरी ने बताया विश्वस्तरीय प्रोजेक्ट
केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि राजस्थान रिफाइनरी तकनीकी दृष्टि से विश्व की श्रेष्ठ रिफाइनरियों में शामिल है। उन्होंने बताया कि इसका नेल्सन कॉम्प्लेक्सिटी इंडेक्स 17 है, जो इसे विश्व की अत्याधुनिक रिफाइनरियों की श्रेणी में स्थापित करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि यह परियोजना भारत की ऊर्जा सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को और मजबूत करेगी।

इन प्रमुख परियोजनाओं का हुआ लोकार्पण एवं शिलान्यास
- एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी
- जयपुर मेट्रो फेज-2
- पावरग्रिड बाड़मेर-प्रथम ट्रांसमिशन परियोजना
- पावरग्रिड ब्यावर-दौसा ट्रांसमिशन परियोजना
- 1000 मेगावाट बीकानेर सौर ऊर्जा परियोजना
- 300 मेगावाट करणीसर सोलर पावर प्लांट
- जोधपुर रिंग रोड (चार लेन)
- चूरू-सादुलपुर रेलमार्ग
- चूरू-रतनगढ़ रेलमार्ग
समारोह की विशेष झलकियां
- प्रधानमंत्री ने नव नियुक्त युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे।
- रिफाइनरी और राजस्थान के विकास पर आधारित लघु फिल्मों का प्रदर्शन किया गया।
- एलपीजी टैंकरों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
- प्रधानमंत्री ने श्रमिकों के साथ संवाद किया और सामूहिक फोटो भी खिंचवाई।
- बड़ी संख्या में लोग ई-रिक्शा, ई-वाहनों और साइकिल से कार्यक्रम में पहुंचे, जिससे पर्यावरण संरक्षण और ईंधन बचत का संदेश भी देखने को मिला।











